मृदा संरक्षण क्या है? तथा मृदा संरक्षण के उपाय कौन-कौन से हैं? – Mrida Sanrakshan Kya Hai

हेलो स्टूडेंट्स, आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे मृदा संरक्षण के बारे में। मृदा संरक्षण क्या है और मृदा संरक्षण के उपाय कौन-कौन से हैं? जी हां तो अगर आप जानना चाहते हैं कि Mrida Sanrakshan Kya Hai तथा Mrida Sanrakshan Ke Upay के बारे में तो आप बिल्कुल सही आर्टिकल पर आए हैं। इस आर्टिकल में आपको पूरी जानकारी डिटेल में बताएँगे।

तो चलिए सबसे पहले जानते हैं की मृदा संरक्षण क्या है?

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मृदा संरक्षण क्या है? – Mrida Sanrakshan Kya Hai

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मिट्टी को अपने स्थान पर बनाए रखकर इसकी उर्वरा शक्ति को बनाए रखना मिट्टी का संरक्षण/सुरक्षा है।

मानव की अनिवार्य आवश्यकताओं में भोजन उसकी प्रथम आवश्यकता है। भोजन की पूर्ति खाद्यान्नों के रूप में कृषि द्वारा होती है, और मिट्टी कृषि का आधार है। जितनी अधिक मिट्टी उपजाऊ होगी उतना ही अधिक खाद्यान्नों का उत्पादन होगा।

भारत में आज एक अब से अधिक जनसंख्या है। इस विशाल जनसंख्या की उधर पूर्ति के लिए अधिक से अधिक खाद्यान्नों का उत्पादन परम आवश्यक है। इसलिए हमारे यहां भूमि की उत्पादकता को बनाए रखने के लिए मिट्टी (मृदा) का संरक्षण न केवल महत्वपूर्ण है बल्कि अनिवार्य भी है।

तो चलिए अब जानते हैं मृदा संरक्षण के उपाय कौन-कौन से हैं। हम अपनी मिट्टी की सुरक्षा किन-किन तरीकों से कर सकते हैं। आईए जानते हैं-

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मृदा संरक्षण के उपाय – Mrida Sanrakshan Ke Upay

हम अपनी मृदा (मिट्टी) की सुरक्षा निम्नलिखित उपायों द्वारा कर सकते हैं-

  1. बांध बनाना
  2. वृक्षारोपण
  3. वनों की रक्षा
  4. पशु चारण पर नियंत्रण
  5. पहाड़ी भागों में सीढ़ीनुमा खेत बनाना
  6. ढालों के समानांतर जुताई
  7. पट्टियों में खेती
  8. खेतों की मेड़ बनाना

#1. बांध बनाना

पहाड़ी नालों और नदियों पर बांध बनाने से पानी का तीव्र प्रवाह रूक जाता है इससे मिट्टी के कटाव को रोकने में सहायता मिलती है।

#2. वृक्षारोपण

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वृक्षारोपण मिट्टी के कटाव को रोकने का सबसे अधिक कारगर तरीका है। वृक्षारोपण से बहते हुए जल की गति धीमी हो जाती है इससे मिट्टी के कटाव में रोकथाम होती है।

#3. वनों की रक्षा

मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए वनों की कटाई को नियंत्रित किया जाना चाहिए। इससे मिट्टी का कटाव स्वतः नियंत्रित हो जाएगा।

#4. पशु चारण पर नियंत्रण

असीमित पशु चारण से भूमि में घास फूस की कमी हो जाती है, जिससे वर्षा ऋतु में मिट्टी का कटाव बढ़ जाता है। तथा पशुओं के चलने फिरने से भी मिट्टी का काटाव होने लगता है।

#5. पहाड़ी भागों में सीढ़ीनुमा खेत बनाना

उपजाऊ पहाड़ी क्षेत्रों में खेती के लिए सीढ़ी नुमा खेत बनाने चाहिए और किनारो पर ऊंची मेड़ बनाना चाहिए इससे मिट्टी का कटाव कम हो जाएगा।

#6. ढालों के समानांतर जुताई

मैदानी भागों में खेती की जुताई दालों के समानांतर करनी चाहिए इससे कटाव बहुत कम होता है।

#7. पट्टियों में खेती

जिन भागों में ढालों के समांतर जुताई हो, वहां पट्टियों में खेती करनी चाहिए अर्थात एक पट्टी में फसल बोई गई है तो दूसरी को खाली रखना चाहिए।

#8. खेतों की मेड़ बनाना

खेतों की मजबूत मेड़ बनानी चाहिए ताकि पानी के बहाव से उत्पन्न मिट्टी बह न सके।

तो ये थे कुछ मृदा अपरदन को रोकने के उपाय अर्थात मृदा संरक्षण के उपाय। इन तरीकों को अपनाकर मृदा संरक्षण किया जा सकता है।

निष्कर्ष

तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में आपको बताया है Mrida Sanrakshan Kya Hai एवं मृदा Mrida Sanrakshan Ke Upay क्या हैं? इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी है।

उम्मीद करते हैं आपको मृदा संरक्षण से संबंधित यह जानकारी पसंद आई होगी अगर पसंद आई है तो कृपया हमें कमेंट में जरूर बताएं। और इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ फेसबुक, व्हाट्सएप पर जरूर शेयर करें।

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धन्यवाद

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